अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम उन प्रश्नों का अचूक इलाज बता रहे हैं, जो शैतान ईमान वालों के दिलों में डालता है। मसलन शैतान कहता है कि अमुक चीज़ को किसने बनाया? अमुक चीज़ को किसने बनाया? आकाश को किसने बनाया? धरती को किसने बनाया? जवाब में एक ईमान वाला व्यक्ति दीनी, प्राकृतिक और तार्किक जवाब देते हुए कहेगा कि अल्लाह। लेकिन शैतान इतने तक ही नहीं रुकता, बल्कि आगे बढ़ते हुए कहता है कि तुम्हारे रब को किसने पैदा किया? जब शैतान इस हद तक पहुँच जाता है, तो एक ईमान वाला व्यक्ति इससे बचाव के लिए तीन कार्य करता है : अल्लाह पर ईमान लाना। शैतान से अल्लाह की शरण माँगना। इस तरह के बुरे ख़यालों को आने देने से बचना।