अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने बताया है कि क़यामत के दिन आपको प्राप्त हौज़ के बर्तन आकाशों के तारों एवं ग्रहों की संख्या से अधिक होंगे। हौज़ (तालाब) के बर्तनों की संख्या उन तारों एवं ग्रहों की संख्या से अधिक होगी, जो अंधेरी रात में देखने को मिलते हैं, जब आकाश में चाँद नहीं होता। क्योंकि चाँदनी रात में तारे स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देते। ऐसी अंधेरी रात में, जब आकाश में बादल न हो। क्योंकि बादल होने पर तारों को देखने में बाधा उत्पन्न होती है। जन्नत के बर्तनों की एक विशेषता यह होगी, जो उनसे कोई पेय पदार्थ पी लेगा, उसे कभी प्यास नहीं लगेगी। आपके हौज़ (तालाब) में जन्नत के दो परनाले गिर रहे होंगे तथा उसकी लंबाई एवं चौड़ाई समान होगी। उसकी लंबाई अम्मान, जो शाम के बल्क़ा क्षेत्र का एक नगर है, से ऐला के बीच की दूरी के बराबर होगी, जो कि शाम का एक मश्हूर सीमावर्ती नगर है। हौज़ के पानी का रंग दूध से अधिक सफ़ेद और उसका स्वाद शहद से अधिक मीठा होगा।