बुरी बात करना या बुरा कार्य करना अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के आचरण का हिस्सा नहीं था। आप ऐसा करने का या कहने का सोचते भी नहीं थे। आप महान आचरण के मालिक थे। आप सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम कहा करते थे : अल्लाह के निकट तुममें से सबसे अच्छा व्यक्ति वह है, जो सबसे अच्छे आचरण का मालिक हो। यानी वह लोगों का भला करता हो, हँसकर मिलता हो, किसी को कष्ट न देता हो, कोई कष्ट दे तो सहन कर लेता हो और लोगों से अच्छी तरह मेल-जोल रखता हो।