अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने लोगों से बात करते हुए दो बड़ी फ़ज़ीलतें बयान की हैं : 1- जिसने सुन्नत के अनुसार संपूर्ण रूप से वज़ू किया और हर अंग तक पूरे तौर पर पानी पहुँचाया, फिर यह दुआ पढ़ी जिसका अर्थ है : "इस बात की गवाही देता हूँ कि अल्लाह के सिवा कोई सत्य पूज्य नहीं है और मुहम्मद अल्लाह के बंदे और रसूल हैं, उसके लिए जन्नत के आठों द्वार खोल दिए जाते हैं। जिस द्वार से चाहे, अंदर दाख़िल हो जाए।" 2- जिसने इस तरह संपूर्ण वज़ू किया और उसके बाद दो रकात नमाज़ पूरी तवज्जो, विशुद्धता एवं विनम्रता के साथ पढ़ी और अपने शरीर के सारे अंगों को अल्लाह के सामने झुकाया, उसके लिए जन्नत वाजिब हो जाएगी।