अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम बयान फ़रमा रहे हैं कि पिता की ज़िम्मेवारी है कि बच्चे एवं बच्चियाँ जब सात साल के हो जाएँ, तो उनको नमाज़ पढ़ने का आदेश दे और नमाज़ के ज़रूरी मसायल की शिक्षा दे। फिर जब दस साल के हो जाएँ, तो आदेश देने के साथ-साथ नमाज़ में कोताही करने पर मारे और उनका बिस्तर अलग कर दे।