अबू दरदा रज़ियल्लाहु अनहु का वर्णन है कि अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया : "कोई भी वस्तु तराज़ू में अच्छे आचरण से ज़्यादा भारी नहीं होगी और अल्लाह ऐसे व्यक्ति से नफ़रत करता है, जो बदज़ुबान और अनर्गल बकने वाला हो।" स़ह़ीह़ - इस ह़दीस़ को अबू दावूद और तिर्मिज़ी ने रिवायत किया है
explain-icon

व्याख्या

अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम बता रहे हैं कि क़यामत के दिन मोमिन के पलड़े में उसके कथनों एवं कर्मों में सबसे ज़्यादा वज़नी वस्तु होगी, अच्छा आचरण। अच्छे आचरण का अर्थ है, हँसकर मिलना, तकलीफ देने से बचना और भला करना। अल्लाह बुरा काम करने वाले, बुरी बात कहने वाले और बद-ज़बानी करने वाले इन्सान से नफ़रत करता है।

explain-icon

हदीस का संदेश

  • अच्छे आचरण का महत्व, क्योंकि अच्छे आचरण से अल्लाह एवं उसके बंदों का प्रेम प्राप्त होत है। साथ ही अच्छा आचरण क़यामत के दिन वज़न की जाने वाली सबसे भारी चीज़ होगी।