एक सहाबी ने अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम से आग्रह किया कि उनको कोई ऐसी बात बताएँ, जो उनके लिए लाभकारी हो। अतः आपने उनसे कहा कि वह ग़ुस्सा न किया करें। यानी एक तो ग़ुस्सा दिलाने वाली चीज़ों से बचें और दूसरा जब ग़ुस्सा आ जाए, तो अपने ऊपर नियंत्रण रखें। ऐसा न हो कि क्रोध में आकर हत्या कर दें, मार दे या गाली-गलौज आदि कर दें। उस सहाबी ने अपनी बात कई बार दोहराई और आपने हर बार इससे अधिक कुछ नहीं कहा कि ग़ुस्सा न किया करो।