अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम यहूदियों तथा ईसाइयों को सलाम करने में पहले करने से मना कर रहे हैं, चाहे वे ज़िम्मी ही क्यों न हों, अन्य काफ़िरों को तो रहने दीजिए। आपने आगे बताया कि जब उनमें से किसी से हमारी भेंट रास्ते में हो जाए, तो हम उसे रास्ते के तंग भाग की ओर जाने पर मजबूर कर दें। क्योंकि बीच रास्ते से मोमिन ही चलेगा और काफ़िर किनारे-किनारे चलेगा। मोमिन किसी भी हाल में बेइज़्ज़त नहीं हो सकता।