अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम बता रहे हैं कि तीन व्यक्तियों को छोड़कर सारे लोग शरई आदेशों एवं निषेधों का पालन करने के पाबंद हैं। यह तीन व्यक्ति इस प्रकार हैं : छोटा बच्चा, बड़ा और वयस्क होने तक। ऐसा पागल व्यक्ति जो अपनी अक़्ल खो चुका हो, जब तक उसकी अक़्ल वापस न आए। सोया हुआ इन्सान जब तक जाग न जाए। ये तीनों लोग शरई आदेशों एवं निषेधों का पालन करने के पाबंद नहीं हैं। इनसे कोई ग़लत काम हो जाए, तो इनके खाते में गुनाह नहीं लिखा जाता। अलबत्ता, छोटे बच्चे के खाते में नेकी लिखी जाती है। लेकिन पागल और सोए हुए इन्सान के खाते में वह भी नहीं लिखी जाती। क्योंकि शऊर न होने के कारण दोनों इस योग्य ही नहीं होते कि उनकी इबादत सही हो।