अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम दुनिया के सबसे दानशील इन्सान थे और आपकी दानशीलता रमज़ान महीने में और ज़्यादा बढ़ जाती थी। जिसको जो दिया जाना चाहिए, इस माह में आप ख़ूब देते थे। वैसे, इसके दो कारण थे : 1- जिब्रील से आप की मुलाक़ात होते रहना। 2- क़ुरआन का दौर करना। यानी उसे ज़बानी पढ़ना। जिब्रील आपके साथ क़ुरआन के उतरे हुए पूरे भाग को दोहराया करते थे और इस दौरान अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम लोगों को देने, दान करने, नेकी के काम करने और लोगों का उपकार करने में उस सुखद वायु से भी अधिक तेज़ हुआ करते थे, जिसे अल्लाह बारिश और दया के साथ भेजता है।