अब्दुल्लाह बिन उमर रज़ियल्लाहु अनहुमा बता रहे हैं कि उन्होंने अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम से जो नफ़ल नमाज़ें सीखी हैं, उनकी संख्या दस रकात है। इन नवाफ़िल को सुनन-ए-रवातिब कहा जाता है। दो रकात ज़ोहर से पहले और दो रकात ज़ोहर के बाद। दो रकात मग़रिब के बाद घर में। दो रकात इशा के बाद घर में। दो रकात फ़ज्र से पहले। इस तरह कुल दस रकात हुईं। रही बात जुमे की नमाज़ की, तो उसके बाद आप दो रकात पढ़ा करते थे।