अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने बताया कि क़यामत के दिन सूरज को सृष्टि से इतना निकट कर दिया जाएगा कि वह उनके सरों से एक मील की दूरी पर होगा। ताबेई सलीम बिन आमिर कहते हैं : अल्लाह की क़सम, मुझे नहीं पता कि यहाँ मील से तात्पर्य जमीन पर तय की गई दूरी से है या आँखों में सुर्मा लगाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरण मील से। फ़रमाया : लोग उस दिन अपने-अपने कर्मों के अनुसार पसीने में डूबे हुए होंगे। किसी का पसीना टखनों तक होगा, किसी का पसीना घुटनों तक होगा, किसी का पसीना कमर तक होगा और किसी का पसीना मुँह तक होगा, जो उसे बात करने नहीं देगा। वर्णनकर्ता कहते हैं : मुँह तक पसीना होने की बात कहते समय अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने अपने मुँह की ओर इशारा करके दिखाया।