अबू सईद ख़ुदरी रज़ियल्लाहु अनहु बता रहे हैं कि अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम कुँवारी लड़की, जो मर्दों के साथ न रही हो और घर की चहारदिवारी के अंदर ही रहती हो, से भी ज़्यादा हया वाले थे। आपके प्रचंड हया वाले होने की एक मिसाल यह है कि जब आप किसी चीज़ को नापसंद करते थे, तो कुछ बोलते नहीं थे। बस आपके चेहरे का रंग बदल जाता था। आपका चेहरा देखकर सहाबा समझ जाते थे कि आप इस चीज़ को नापसंद कर रहे हैं।