अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्मल ने बताया है कि बरकत वाले तथा महान अल्लाह ने कहा है : मैंने जन्नत के अंदर अपने सदाचारी बंदों के सम्मान में ऐसी-ऐसी चीज़ें तैयार कर रखी हैं, जिन्हें न किसी आँख ने देखा है, न किसी कान ने उनकी विशेषताओं को सुना है और न उनकी वास्तविकता की कल्पना किसी दिल ने की है। इस हदीस को बयान करने के बाद अबू हुरैरा -रज़ियल्लाहु अनहु- ने कहा कि यदि तुम चाहो तो यह आयत पढ़ लो : "कोई प्राणी नहीं जानता कि उनके लिए आँखें ठंडी करने वाली क्या-क्या चीज़ें छुपाकर रखी गई हैं।" [सूरा सजदा : 17]