अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने पेशाब और पाखाना करने का इरादा रखने वाले को क़िबला और काबा की ओर मुँह या पीठ करके बैठने से मना किया है। अगर उसके क़िबले की दिशा वही है, जो मदीने वालों की है, तो उसे पूरब या पश्चिम की ओर तिरछा होकर बैठना चाहिए। फिर अबू अय्यूब रज़ियल्लाहु अनहु ने बताया कि जब वह शाम पहुँचे, तो देखा कि वहाँ शौचालय काबा की दिशा में बने हुए हैं। इसलिए वह शौचालय जाते समय तिरछे होकर बैठ जाते, ताकि सीधे काबा की ओर मुँह या पीठ न हो और उसके बाद अल्लाह से क्षमा याचना कर लिया करते।