अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम बता रहे हैं कि जिसने कलिमा-ए-तौहीद के अर्थ को जानते हुए और उसके तक़ाज़ों (मांगों) पर अमल करते हुए उसका उच्चारण अपनी ज़बान से किया, मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के बारे में अल्लाह के बंदा और उसके रसूल होने की गवाही दी, ईसा अलैहिस्सलाम के बारे में अल्लाह के बंदा तथा रसूल होने को स्वीकार किया, और इस बात को भी स्वीकार किया कि अल्लाह ने उनको "كن" शब्द से पैदा किया है और वह अल्लाह की ओर से भेजी गई और उसकी पैदा की हुई एक आत्मा हैं, उनकी माता को यहूदियों द्वारा लगाए गए आरोपों से बरी माना, और इस बात पर विश्वास रखा कि जन्नत तथा जहन्नम दोनों सत्य हैं, दोनों के अस्तित्व पर विश्वास रखा और उनको अल्लाह की नेमतों तथा यातनाओं का स्थान माना और इसी अवस्था में मृत्यु को प्राप्त हुआ, तो उसका ठिकाना जन्नत होगा, यद्यपि उससे अल्लाह की इबादत में कुछ त्रुटियाँ हुई हों और उसके कुछ गुनाह भी रहे हों।