अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने छह सूद वाले वर्गों यानी सोना, चाँदी, गेहूँ, जौ, खजूर और नमक के क्रय-विक्रय का सही तरीक़ा बताया है। अगर क्रय-विक्रय एक ही वर्ग की दो चीज़ों, जैसे सोना के बदले में सोना और चाँदी के बदले में चाँदी बेची गई हो, तो दो शर्तों का पाया जाना ज़रूरी है : 1- वह चीज़ वज़न की जाने वाली जैसे सोना एवं चाँदी हो तो वज़न बराबर हो और मापी जाने वाली जैसे गेहूँ, जौ, खजूर और नमक हो तो माप बराबर हो। 2- ख़रीदने और बेचने वाले क्रय-विक्रय के स्थान में ही सामान पर क़ब्ज़ा कर लें। अगर ये वर्ग अलग-अलग हों, जैसे सोने को चाँदी तथा खजूर को गेहूँ के बदले में बेचा जाए, तो क्रय-विक्रय एक शर्त के साथ जायज़ है। शर्त यह है कि खरीदने और बेचने वाले क्रय-विक्रय के स्थान में ही सामान पर क़ब्ज़ा कर लें। अगर ऐसा नहीं होता, तो क्रय-विक्रय अमान्य होगा और ख़रीदने तथा बेचने वाले दोनों सूदी लेनदेन करने वाले माने जाएँगे।