नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- बता रहे हैं कि जब जनाज़े को चारपाई पर रख दिया जाता है और लोग उसे अपने कंधों पर उठा लेते हैं, ऐसे में अगर वह सदाचारी होता है तो कहता है; मुझे आगे ले चलो उस नेमत की ओर जिसे वह अपने सामने देख रहा है। लेकिन अगर सदाचारी नहीं होता, तो भयानक आवाज़ में कहता है कि हाय मेरा मिनाश, ये लोग मुझे कहाँ ले जा रहे हैं? क्योंकि उसे सामने यातना दिख रही होती है। उसकी इस आवाज़ को इन्सान को छोड़ हर कोई सुनता है। उसकी आवाज़ इतनी भयानक होती है कि अगर इन्सान सुन ले, तो बेहोश हो जाए।