अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने किसी का धन हड़पने के लिए जान-बूझकर झूठी क़सम खाने से सावधान किया है और बताया है कि ऐसा व्यक्ति जब अल्लाह से मिलेगा, तो अल्लाह उससे सख़्त क्रोधित होगा। अशअस बिन क़ैस रज़ियल्लाहु अनहु ने इस हदीस का परिप्रेक्ष्य बयान करते हुए बताया कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने यह बात इसलिए फ़रमाई कि उनके और एक यहूदी के बीच एक ज़मीन के मालिकाना अधिकार को लेकर झगड़ा था। दोनों निर्णय के लिए अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के पास पहुँचे, तो आपने अशअस से कहा : तुम अपने दावा के पक्ष में प्रमाण प्रस्तुत करो। अगर तुम प्रमाण नहीं दे सके, तो तुम्हारा विरोधी क़सम खाकर बरी हो जाएगा। यह सुन अशअस ने कहा : ऐ अल्लाह के रसूल! अगर ऐसा है, तो यहूदी अल्लाह का ख़ौफ़ खाए बिना क़सम खा लेगा और मेरा धन लेकर निकल जाएगा। चुनांचे इसी की पुष्टि के लिए अल्लाह ने यह आयत उतारी : निःसंदेह जो लोग अल्लाह के वचन (तथा अमानत की अदायगी से संबंधित ईमान वालों को दिए गए उसके आदेश) तथा (अल्लाह के नाम की) अपनी (झूठी) क़समों के बदले तनिक मूल्य प्राप्त करते हैं, उनका आख़िरत में कोई हिस्सा नहीं। न अल्लाह उनसे बात करेगा और न क़यामत के दिन (दया तथा उपकार की दृष्टि से) उनकी ओर देखेगा और न उनकी प्रशंसा करके उनके साफ़-सुथरे होने की घोषणा करेगा और न उन्हें (गुनाहों तथा गंदगियों से) पवित्र करेगा। तथा (उनके कर्मों के कारण) उनके लिए दुःखदायी यातना है।