अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम बता रहे हैं कि क़यामत उस समय तक नहीं आएगी, जब तक इस तरह का दृश्य देखने को न मिले कि एक आदमी किसी क़ब्र के पास से गुज़रे और यह कामना करे कि काश वही इस क़ब्र में दफ़न होता! इस प्रकार की कामना का कारण इस बात का डर होगा कि कहीं असत्य तथा उसके मार्ग पर चलने वाले लोगों के प्रभुत्व, फ़ितनों, गुनाहों और बुराई के प्रचलन के कारण दीन से वंचित होने की नौबत न आ जाए।