अनस बिन मालिक (रज़ियल्लाहु अन्हु) से रिवायत है, वह फरमाते हैंः तुम लोग कुछ ऐसे कार्य करते हो, जो तुम्हारी नज़र में बाल के बराबर भी महत्व नहीं रखते। जबकि हम उन्हें अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के ज़माने में विनाशकारी गुनाहों में से समझते थे।
सह़ीह़ - इसे बुख़ारी ने रिवायत किया है।