अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया है कि जब कोई मुसलमान अपने मुसलमान भाई की किसी कमी एवं कोताही पर पर्दा डालता है, तो अल्लाह तआला क़यामत के दिन उसपर पर्दा डालेगा। क्योंकि इंसान को उसके किए गए कर्मों के अनुसार ही प्रतिफल मिलता है। अल्लाह के पर्दा डालने का मतलब है कि वह क़यामत के दिन हश्र के मैदान में जमा होने वाले लोगों के सामने उसकी कमियों, त्रुटियों और गुनाहों को आने नहीं देगा। इसका मतलब यह भी हो सकता है कि वह बंदे की कमियों एवं कोताहियों पर उसकी पकड़ ही नहीं, बल्कि उसके सामने उनका ज़िक्र भी न करे।