अबू अब्दुल्लाह अल जदली से वर्णित है वह कहते हैं किः मैंने आयशा- रज़ियल्लाहु अन्हा- से अल्लाह के रसूल- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के स्वभाव के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा किः आप न तो अपशब्द बोलने वाले थे न ही अश्लील बातें करने वाले और न ही बाजारों में जा कर हल्ला करने वाले, आप बुराई का बदला बुराई से नहीं देते थे, बल्कि आप माफ कर देते तथा नजरअंदाज कर देते।
सह़ीह़ - इसे तिर्मिज़ी ने रिवायत किया है। - इसे अह़मद ने रिवायत किया है।