अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- जब समूद जाति की बस्ती से गुज़रे तो फ़रमाया कि अल्लाह के अज़ाब के शिकार होने वाले लोगों, जिनहोंने अपने ऊपर अत्याचार किए थे, की बस्ती में प्रवेश करना या जाना हो, तो रोते हुए और उनके अंत से शिक्षा ग्रहण करते हुए ही जाओ। इस डर से कि कहीं ऐसा न हो कि तुम्हें भी उसी प्रकार के अज़ाब का सामना करना न पड़े, जिस प्रकार के अज़ाब का शिकार उनको होना पड़ा था। फिर आपने अपनी सवारी को झिड़का, तेज़ भगाया और वहाँ से गुज़र गए।