अनस रज़ियल्लाहु अनहु का वर्णन है, वह कहते हैं : हम उमर रज़ियल्लाहु अनहु के पास मौजूद थे कि इसी दौरान उन्होंने कहा : "हमें तकल्लुफ़ करने यानी बिना ज़रूरत कष्ट उठाने से मना किया गया है।" स़ह़ीह़ - इसे बुख़ारी ने रिवायत किया है
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व्याख्या

उमर रज़ियल्लाहु अनहु बता रहे हैं कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने उनको ऐसा काम करने तथा ऐसी बात कहने से मना किया है, जिसके लिए बिना ज़रूरत मशक़्क़त उठानी पड़े।

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हदीस का संदेश

  • इस हदीस में जिस तकल्लुफ़ से मना किया गया है, उसमें अधिक प्रश्न करना, ऐसा काम करना जिसकी जानकारी न हो तथा किसी ऐसी सख़्ती में पड़ना या डालना भी शामिल है, जिसमें न पड़ने या डालने की अल्लाह ने गुंजाइश दी है।
  • इन्सान को अपने व्यक्तित्व में उदारता रखना चाहिए और खाने, पीने, बात-चीत और अन्य चीज़ों में अनावश्यक कष्ट उठाने से बचना चाहिए।
  • इस्लाम एक सरल तथा आसान धर्म है।