अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने मस्जिद-ए-नबवी में नमाज़ पढ़ने की फ़ज़ीलत बयान की है। आपने बताया कि आपकी मस्जिद में पढ़ी गई एक नमाज़ मस्जिद-ए-हराम को छोड़ दूसरी मस्जिदों में पढ़ी गई एक हज़ार नमाज़ से बेहतर है। अलबत्ता, मस्जिद-ए-हराम में नमाज़ पढ़ने की फ़ज़ीलत इससे भी ज़्यादा है।