अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने बताया है कि अल्लाह बंदों की तीन आदतों को पसंद करता है और तीन आदतों को नापसंद। जिन तीन आदतों को पसंद करता है, वह इस प्रकार हैं : बंदे केवल उसी की इबादत करें और किसी को उसका साझी न बनाएँ, सब मिलकर अल्लाह के वचन, क़ुरान एवं सुन्नत को मज़बूती से पकड़े रहें तथा मुसलमानों की जमात से अलग न हों। और जिन तीन आदतों को नापसंद करता है, वह हैं, ऐसी बातें करना जिनका कोई फ़ायदा न हो, जो बातें सामने न आई हों उनके बारे में पूछना या लोगों से उनका धन, उनके पास मौजूद चीज़ें और ऐसी वस्तुएँ माँगना जिन्हें माँगना आवश्यक न हो और माल बर्बाद करना और ग़ैर-शरई कार्यों में खर्च करना और माल को बर्बादी के हवाले करना।