इमरान बिन हुस़ैन -रज़ियल्लाहु अन्हुमा- ने यहाँ नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- की शिर्क से लड़ाई और लोगों को उससे मुक्ति दिलाने से संबंधित एक घटना का उल्लेख किया है। घटना इस तरह है कि आपने एक व्यक्ति को ताँबा का एक कड़ा पहना हुआ देखा, तो उसेसे पहनने का कारण पूछा। उसने बताया कि कष्ट से बचने के लिए ऐसा किया है, तो उसे अविलंब कड़े को निकाल फेंकने का आदेश दिया और बताया कि यह लाभदायक नहीं, हानिकारक है, तथा जिस बीमारी के कारण उसे पहना है, इससे वह और बढ़ जाएगी। इससे भी बड़ी बात यह है कि यदि वह उसे पहनकर मरा, तो आख़िरत की सफलता से भी वंचित हो जाएगा।