अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम बता रहे हैं कि सच्चा और सुदृढ़ विश्वास रखने वाला मोमिन अपने दिल में बड़ी संतुष्टि, विस्तार, प्रसन्नता, मिठास और अल्लाह की निकटता का सुख पाता है, अगर निम्नलिखित तीन बातों से संतुष्ट हो : 1- वह अल्लाह को अपना पालनहार मानकर संतुष्ट हो। यानी अपने पालनहार की दी हुई तमाम चीज़ों, जैसे रोज़ी और जीवन के उतार-चढ़ाव को सहर्ष स्वीकार करे, उसके दिल में इन बातों के संंबंध से अल्लाह से आपत्ति जैसी कोई बात न हो और अल्लाह के अतिरिक्त किसी को पालनहार न बनाए। 2- इस्लाम को अपना दीन ग्रहण करके संतुष्ट हो, इस्लाम द्वारा डाली गई ज़िम्मेवारियों को सहर्ष स्वीकार करे और इस्लाम के मार्ग को छोड़कर कोई अन्य मार्ग न ढूँढे। 3- मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम को रसूल मानकर संतुष्ट हो। आपकी लाई हुई सभी शिक्षाओं को सर आँखों पर रखे। दिल में संदेह न पैदा होने दे और जीवन बिताने के आपके तरीक़े का पालन करे।