अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने छोटे गुनाहों के मामले में लापरवाही बरतने और उनमें अधिक संलिप्त होने से मना किया है। क्योंकि ये छोटे-छोटे गुनाह मिलकर इन्सान के विनाश का सबब बन जाते हैं। आपने समझाने के लिए इसका उदाहरण यह दिया कि जैसे कुछ लोग किसी वादी में उतरे और हर व्यक्ति ने एक-एक छोटी-छोटी लकड़ी लाकर रख दी, जिससे इतनी लकड़ियाँ एकत्र हो गईं कि खाना बन जाए। फिर आपने बताया कि मामूली समझे जाने वाले गुनाह भी, जब उनसे तौबा न की जाए और अल्लाह की ओर से माफ़ी का परवाना न मिले, पकड़ होने पर विनाश का सबब बन जाते हैं।