कोई भी इनसान गलती से खाली नहीं है। क्योंकि उसके अंदर कमज़ोरी और अपने प्रभु के आदेशों का पालन करने और उसकी मना की हुई बातों से दूर रहने के विषय में अपने प्रभु की अवहेलना का जज़्बा प्राकृतिक रुप से पाया जाता है। यही कारण है कि पवित्र एवं महान अल्लाह ने अपने बंदों के लिए तौबा का दरवाज़ा खोल रखा है और बता दिया है कि सबसे अच्छे ग़लती करने वाले लोग वह हैं, जो बहुत ज़्यादा तौबा करने वाले हैं।