कुछ सहाबा ने अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के साथ सहरी की और उसके बाद आप -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- नमाज़ के लिए खड़े हो गए। अनस ने ज़ैद बिन साबित -रज़ियल्लाहु अनहु- से पूछा : अज़ान और सहरी की समाप्ति के बीच कितना समय था? ज़ैद -रज़ियल्लाहु अनहु- ने उत्तर दिया : क़ुरआन की पचास मध्यम आयतें, जो न लम्बी हों न छोटी, पढ़ने के बराबर समय। पढ़ने का अंदाज़ बहुत धीमा भी न हो, न बहुत तेज़।