जरीर बिन अब्दुल्लाह रज़ियल्लाहु अन्हु ने पेशाब किया, फिर वज़ू किया और अपने पैरों को धोने के बजाय अपने मोज़ों पर मसह कर लिया। अतः उनके आस-पास के लोगों ने उनसे पूछा : आप ऐसा करते हैं?! उन्होंने उत्तर दिया : हाँ, मैंने नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम को देखा है कि आपने पेशाब किया, फिर वज़ू किया और अपने मोज़ों पर मसह कर लिया। जरीर (रज़ियल्लाहु अन्हु) आख़िर दौर में सूरा माइदा के नाज़िल होने के बाद इस्लाम लाए थे, जिसमें वज़ू की आयत है, जिससे इस बात का संकेत मिलता है कि मोज़ों पर मसह करना उस आयत से मंसूख़ नहीं हुआ है।