अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम नमाज़ियों को इस बात का आदेश दे रहे हैं कि अपनी सफ़ें बराबर कर लिया करें। कोई किसी से आगे रहे, न पीछे। सफ़ों को बराबर करना नमाज़ को संपूर्ण बनाने वाली चीज़ों में से है, जबकि उनका टेढ़ा रह जाना नमाज़ में कमी पैदा करता है।