अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने दो ठंडे समयों में पढ़ी जाने वाली नमाज़ों यानी फ़ज्र और अस्र का ख़ास ध्यान रखने की प्रेरणा दी है, और उनको सुचारू रूप से यानी समय पर और जमात के साथ पढ़ने वाले को सुसमाचार दिया है कि यह दोनों नमाज़ें उसके लिए जन्नत में प्रवेश का सबब बनेंगी।