बरा बिन आज़िब रज़ियल्लाहु अन्हु, जो कि सच्चे हैं, बताते हैं कि नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम जब रुकू से अपना सर उठाते और 'سمع الله لمن حمده' (समिअल्लाहु लिमन ह़मिदहु) कहते, तो आपके पीछे खड़े लोग खड़े ही रहते थे और कोई भी सजदे के लिए अपनी पीठ उस वक़्त तक नहीं झुकाता था, जब तक कि आप सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम अपनी पेशानी ज़मीन पर न रख देते। आपके ज़मीन पर पेशानी रखने के बाद ही लोग सजदे में जाते थे।