अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम, अल्लाह को छोड़कर किसी और की क़सम खाने से सावधान कर रहे हैं। क्योंकि मोमिन क़सम केवल अल्लाह की खाता है। आप बता रहे हैं कि जिसने अल्लाह को छोड़कर किसी और, जैसे लात एवं उज़्ज़ा (अज्ञानता काल में पूजे जाने वाले दो बुत) की क़सम खाई, उसे क़सम खाने के बाद अपने इस कृत्य से खुद को अलग करने और क़सम का कफ़्फ़ारा अदा करने के लिए ला इलाहा इल्लल्लाह कहना चाहिए। उसके बाद आपने बताया कि जिसने अपने साथी से कहा कि आओ जुआ खेलें, -जुआ नाम है दो या दो से अधिक लोगों का इस शर्त के साथ मुक़ाबले में शामिल होने का कि बीच में कुछ धन रखा जाए, जिसे मुक़ाबला जीतने वाला ले जाएगा। जुआ में इन्सान या तो जीतता है या फिर हारता है।- उसके लिए कुछ न कुछ सदक़ा करना मुसतहब है, ताकि जुआ की ओर बुलाने के कारण होने वाले गुनाह का प्रायश्चित हो जाए।