उमर बिन ख़त्ताब -रज़ियल्लाहु अनहु- ने अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- से पूछा कि यदि कोई रात के प्रथम भाग में अपनी स्त्री से संभोग कर ले, यद्यपि वीर्य स्खलन न हुआ हो, या फिर उसे स्वप्नदोष हो जाए, तो क्या वह जनाबत की अवस्था में सो सकता है? तो आपने उन्हें इसकी अनुमति यह कहते हुए दे दी कि इस बड़ी नापाकी को शरई वज़ू के द्वारा हलका करना होगा। उसके बाद यदि जनाबत की अवस्था में सो जाता है, तो कोई बात नहीं है।