आइशा (रज़ि अल्लाहु अन्हा) कहती हैं कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) के कपड़ों में जनाबत के कारण वीर्य लग जाता। कभी वीर्य गीला होता, तो उसे वह पानी से धो देतीं और आप भीगे हुए कपड़े ही में नमाज़ के लिए चल देते और कभी वीर्य सूखा होता, तो उसे आपके कपड़े से खुरच देतीं और आप उसी कपड़े में नमाज़ पढ़ लेते।