अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने हमें बताया है कि कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो कोई बात करते समय यह नहीं सोचते कि जो बात वह करने जा रहे हैं, अच्छी है या बुरी? इसका नतीजा यह होता है कि इस तरह बिना सोचे-सझते बात करने वाले अवैध गतिविधियों में पड़ जाते हैं और स्वयं को जहन्नम की यातना के भागीदार बना लेते हैं और कभी-कभी जहन्नम की इतना गहराई में चले जाते हैं, जो सूर्योंदय तथा सूर्यास्त के बीच की दूरी से भी अधिक है।