नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के ज़माने में एक बच्ची मिली, जिस्का सर दो पथ्तरों के बीच कुचल दिया गया था, किन्तु अभी सांसें बाकी थीं, तो लोगों ने उस से हत्यारे के बारे पूछा और जो हत्यारा समझे जा रहे थे, उनका नाम लेने लगे यहाँ तक कि एक यहूदी का नाम आया, तो उस ने सर से इशारा किया कि हाँ, यही। अतः यहूदी को पकड़ लिया गया और उसने जुर्म स्वीकार कर लिया कि चाँदी के ज़ेवर के कारण उसे कतल किया है। नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने आदेश दिया कि उस के साथ भी वही किया जाए जो उसने किया है, चुनांचे उसका सर भी दो पत्थरों के बीच कुचल दिया गया।