अम्र बिन आस रज़ियल्लाहु अन्हु से रिवायत है कि उन्होंने अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- को कहते हुए सुना है : “जब कोई निर्णयकारी निर्णय करते समय सही निर्णय तक पहुँचने का पूरा प्रयास करता है और सही निर्णय देने में सफल हो जाता है, तो उसे दो नेकियाँ मिलती हैं और जब निर्णय देते समय सही निर्णय देने का पूरा प्रयास तो करता है, लेकिन असफल रहता है, तो उसे एक नेकी मिलती है।”
सह़ीह़ - इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है।