सर मुँड़वाना तथा बाल छोटे करवाना हज और उमरा के मनासिक (क्रिया-कलापों) में से है और बाल मुँड़वाना, छोटे करवाने की तुलना में उत्तम है; क्योंकि अल्लाह तआला की आज्ञापालन में सर के बालों को पूरे तौर पर हटा देने में अधिक समर्पण है। यही कारण है कि नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने सर मुँड़वाने वाले के लिए तीन बार रहमत की दुआ की, जबकि उपस्थित लोग आपको बाल छोटे करवाने वाले की याद दिलाते रहे। फिर तीसरी या चौथी बार बाल छोटे करवाने वालों को उनके साथ शामिल किया। यह, इस बात का प्रमाण है कि पुरुषों के हक़ में मुँड़वाना ही उत्तम है। परन्तु, यदि समय 'तमत्तो' के उमरा का हो और वक़्त इतना कम हो कि हज के मुंडन के लिए बाल निकल न सकते हों, तो ऐसे में छोटे करवाना ही उत्तम है। क्योंकि उसे इसके बाद तो मुंडन करवाना ही है।