अनस (रज़ियल्लाहु अंहु) का वर्णन है, वह कहते हैं कि जब हम किसी मंज़िल पर उतरते तो पालान उतारने से पहले नफ़्ल नमाज़ नही पढ़ते थे। सह़ीह़ - इसे अबू दाऊद ने रिवायत किया है।