जिसने अपना सामान किसी से बेचा, अमानत रखा या क़र्ज़ दिया और वह व्यक्ति दिवालिया घोषित हो गया, यानी उसके पूरे धन से उसके क़र्ज़ की अदायगी संभव न हो पा रही हो, तो ऐसी अवस्था में उक्त बेचने, अमानत रखने या क़र्ज़ देने वाला यदि हू-ब-हू अपना सामान उसके पास पाए, तो उसे ले सकता है, क्योंकि वह अन्य लोगों की तुलना में उसका अधिक हक़ रखता है।