अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- जब अरफ़ा से मुज़दलिफ़ा की ओर जा रहे थे, तो उसामा बिन ज़ैद -रज़ियल्लाहु अनहुमा- आपके पीछे सवार थे। लिहाज़ा, वह अन्य लोगों की तुलना में आपके चलने के अंदाज़ से अधिक अवगत थे। यही कारण है कि उनसे आपके चलने की गति के बारे में पूछा गया, तो फ़रमाया : जब भीड़-भाड़ होती तो आप मध्यम गति से चलते थे, ताकि किसी को कष्ट न हो। लेकिन, जब रास्ता ख़ाली मिलता और किसी को कष्ट होने का भय न होता, तो गति थोड़ी तेज़ कर लेते थे।