अब्दुल्लाह बिन अम्र बिन आस- रज़ियल्लाहु अन्हुमा- से रिवायत है कि अल्लाह के रसूल- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमायाः "अल्लाह, शहीद के हर गुनाह को, क़र्ज़ के सिवा, क्षमा कर देगा।"
तथा उन्हीं की एक रिवायत में हैः "अल्लाह के रास्ते में मारे जाने से, क़र्ज़ के सिवा हर गुनाह माफ़ हो जाता है।"
सह़ीह़ - इसे मुस्लिम ने रिवायत किया है।