अनस बिन मालिक -रज़ियल्लाहु अनहु- का वर्णन है, वह कहते हैं : "हमारे लिए मूंछ काटने, नाखून काटने, बगल के बाल उखाड़ने, और जघन बाल काटने की अवधि निर्धारित की गई है कि इन्हें हम चालीस रातों से अधिक न छोड़ें।"
स़ह़ीह़ - इसे मुस्लिम ने रिवायत किया है
अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने मूंछ काटने, हाथ तथा पाँव के नाखून काटने, बगल के बाल उखाड़ने और जघन बाल काटने की सीमा निर्धारित कर दी है कि इन्हें चालीस दिन से अधिक न छोड़ा जाए।
हदीस का संदेश
शौकानी कहते हैं : बेहतर यह है कि अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- द्वारा निर्धारित इस समय सीमा का पालन किया जाए। इससे आगे बढ़ना जायज़ नहीं है। अगर चालीस दिन पूरे होने से पहले यह चीजें लंबी हो जाएँ और इन्हें न काटा जाए, तो यह सुन्नत की मुख़ालफ़त नहीं है।
इब्न हुबैरा कहते हैं : यह हदीस अंतिम समय सीमा का निर्धारण करती है। बेहतर यह है कि इस सीमा तक पहुँचने से पहले ही काट लिया जाए।
इस्लाम स्वच्छता एवं शोभा पर ध्यान देता है।
मूँछ काटने का मतलब है, ऊपर वाले होंठ पर उगे हुए बालों को काटना।
बगल के बाल उखेड़ने का अर्थ है, बगल में उगे हुए बालों को साफ़ करना। बगल से मुराद वह स्थान है, जो कंधे में बाज़ू के नीचे हुआ करता है।
जघन बाल से मुराद है, पुरुष तथा स्त्री की अगली शर्मगाह के चारों ओर उगे हुए बाल।