नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने आदेश दिया कि आप के लिए सोने की एक अँगूठी बनाई जाए। जब आप उसे पहनते थे, तो उसका नगीना दाहिनी हथेली के भीतर कर लेते। सहाबा ने भी आप की तरह अँगूठियाँ बनवा लीं। कुछ दिनों के पश्चात नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- मिंबर पर बैठे, ताकि लोग आप को देख सकें। उसके बाद फ़रमायाः मैं यह अंगूठी पहनता था और उसका नगीना भीतर की ओर रखा था। यह फरमाकर -उसे फेंक दिया और फ़रमायाः अल्लाह की सौगंध! कदापि मैं उसे नहीं पहनूँगा। ऐसा आप ने अंगूठी के हराम होने के बाद किया, तो सहाबा ने भी अल्लाह के रसूल का अनुसरण करते हुए अपनी अंगूठियाँ फेंक दीं।