इस हदीस में है कि एक व्यक्ति यमन से आया कि अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- से जिहाद की अनुमति तलब करे। आपने उसके माता-पिता के बारे में पूछा और यह जानना चाहा कि उसने उनकी अनुमति ली है या नहीं, तो पता चला कि उसने उनकी अनुमति नहीं ली है। अतः आपने उसे आदेश दिया कि अपने माता-पिता के पास वापस चला जाए, उनके साथ अच्छा व्यवहार करे और उनकी सेवा करे। इस हदीस से मालूम हुआ कि जिहाद के लिए माता-पिता की अनुमति लेना आवश्यक है।